Dec 26

अल्लामा तालिब जौहिरी की तबियत नासाज़

अल्लामा तालिब जौहिरी जो की उर्दू दुनिया यानि इंडिया पाकिस्तान के सबसे बड़े ज़ाकिर खतीब हैं उनकी तबियत बहुत ज़्यादा ख़राब है उन्हें कराची के आग़ा खान हॉस्पिटल में दाख़िल कर दिया गया है। उनकी सेहतयाबी की दुआएं की जा रही हैं। अल्लामा तालिब जौहिरी बुनियादी तौर से बिहार के रहने वाले है उनके वालिद मौलाना जौहर हुसैन मरहूम पाकिस्तान के बनने के बाद कराची मुंतकिल हो गए थे । मौलाना तालिब जौहरी ने पाकिस्तान से तालीमी सफर शुरू करके नजफ़ (ईराक़) का रुख किया , जहा पर उन्होंने फ़िक़्ह की तालीम हासिल की । उस वक़्त उनके हमस्रो में अल्लामा ज़ीशान हैदर जवादी मरहूम इलाहाबादी, उनसे क़ब्ल से वहाँ पर तालीम हासिल करने वालो में आयतुल्ला मौलाना महमुदुल हसन खाँ, आयतुल्ला सैयद हमीदुल हसन , आयतुल्ला सैयद शमीमुल हसन, जैसे लोग भी थे, जो की बा हयात है ।नजफ़ से तालीम हासिल करके जब पाकिस्तान वापस आए तो उस वक़्त पाकिस्तान में ज़ाकिरी के मैदान में अल्लामा रशीद तोराबी सरे फेहरिस्त थे, जिन्होंने पाकिस्तान में मरकज़ी शामे गरीबा की मजलिस कराची में क़ायम की। आज से 40 साल क़ब्ल तक जब टेलीविज़न आम नही था तो उस वक़्त रेडियो पाकिस्तान से अल्लामा रशीद तोराबी मरहूम की मजलिस और आल इंडिया रेडियो से उमदतुल उलमा मौलाना सैयद कल्बे हुसैन नक़वी(कब्बन साहब) मरहूम की आया करती थी। अल्लामा रशीद तोरबी के बाद पाकिस्तान में बैनुल अक़्वामी सतह के जो खतीब उभर कर सामने
आये उनमे अल्लमा तालिब जौहिरी मौलाना इरफान हैदर आबिदी मरहूम और अल्लमा नसीम अब्बास रिज़वी का नाम लिया जाता है। लेकिन तालिब जौहिरी साहब को नश्तर पार्क कराची की सबसे बड़ी मजलिस जिसमे लाखो का मजमा होता है, लगातार पढ़ने का शरफ़ हासिल है। अल्लमा तालिब जौहरी की मजलिसों में क़ुरानी आयात का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल होता है। इसलिए वो दानिशवर तबके में ज़्यादा पसंद किए जाते है। www.jaunpur-e-aza.com उनकी सेहतयाबी की दुआ की दरख्वास्त करती है।
By- असलम नक़वी