«

»

Dec 09

वतन वापसी की याद में निकला जुलूस !!

अहले मदीना आबिदे बीमार आते है।

बेवारिसो के क़ाफेला सालार आते है।।

बड़ागांव:- शाहगंज जौनपुर के बड़ागांव का ऐतिहासिक जुलूस-ए-अमारी का इनकाद किया गया ।कर्बला के इमाम हुसैन अ.स. का काफिला जो शाम में पूरे एक साल क़ैद रहा, उसके बाद जब काफ़िले को रिहाई मिली है। कर्बला वालो की वतन वापसी का पुरसोज़ मंज़र पेश किया जाता है। जिसमें सबसे पहले नमाज़-ए-सुबह के बाद मजलिस हुई उसके बाद ताआरूफी तक़रीर हुई ।उसके बाद जुलुस अपने क़दीमी रास्तो से होता हुआ चार रौज़े में ख़त्म हुआ। यह जुलूस लगभग 100 से अधिक वर्षो से होता रहा है।इतिहास में मिलता है कि यह जुलूस-ए-अमारी अय्यामे अज़ा के आखिरी दिन का सबसे पुराना जुलुस है।स्थानीय लोगो ने बताया कि पूरे विश्व भर में जुलूस अमारी की शुरुआत यही से हुई। इस जूलूस में पूरे हिंदुस्तान के ओलमा हज़रात व अंजुमने तशरीफ़ लाती है। पूरे देश के ज़ायरीन ज़ियारत के लिए यहाँ उपस्थित होते है और अपनी अक़ीदत का इज़हार करते है।
इस जुलूस के अंत में अंजुमन नासिरुल अज़ा बड़ागांव अपना तारीख़ी नौहा अहले मदीना आबिदे बीमार आते है.. बेवारिसो के क़ाफेला सालार आते है। और इस नौहे के साथ ख़त्म होता है।

By -Mohd Danish