तीरों की बारिश में इमाम ने अदा की नमाज

कर्बला के वाकये में छिपा है कई पैगाम
शहर के कई अजाखानों में हुई मजलिस

 

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जौनपुर। शहर में इतवार को कई अजाखानों में मजलिस का एहतेमाम किया गया। बाजार भुआ के इस्लाम चौक पर इसाले सवाब की मजलिस इलाहाबाद करांरी के मौलाना जमीर हैदर ने खेताब की। उन्होंने कहा कि कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन अ.स. ने जो कुर्बानी पेश की उसमें कई पैगाम छिपे हैं। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन ने तीरों की बारिश में नमाज अदा करके बताया कि किसी भी हालत में हमारे चाहने वाले नमाज को न छोड़ें। जमात से नमाज पढ़ कर यह पैगाम दिया कि जब इमाम इतनी मुश्किलों के आलम में होेने के बावजूद जमात कायम कर रहे हैं तो उनके चाहने वाले बेनमाजी नहीं हो सकते हैं। बीबी जैनब ने नाकों पर नमाजे पढ़कर बताया कि उनकी मानने वाली हर औरत कैसे किरदार की होनी चाहिए।

अली अकबर का पढ़ा मसाएब
मौलाना ने जनाबे अली अकबर अ.स. का मसाएब पढ़ा तो लोगों की आंखों से अश्क जारी हो गए। उन्होंने पढ़ा कि एक जाकिरे हुसैन ने इमाम के रौजे पर शबे जुमा अली अकबर अ.स. का मसाएब पढ़ा तो मौला उसके ख्वाब में आए और कहा कि ऐ मेरे जाकिर अली अकबर का मसाएब शबे जुमा न पढ़ा कर, क्योंकि इस दिन मेरी मां फात्मा मेरे रौजे पर आती हैं। जब से मेरी मां ने अली अकबर के मसाएब सुने हैं। वह रोए जा रही हैं। मसाएब सुनकर मजलिस में बैठे तमाम लोग रोने लगे। इसके बाद अंजुमन असगरिया पुरानी बाजार ने मसाएबी नौहा पढ़ा। इसके अलावा इमामबाड़ा मरहूम मीर बहादुर अली दालान, कल्लू खां के इमामबाड़े समेत तमाम जगह पर मजलिस बरपा की गई। मजलिस के बाद तबर्रूक तक्सीम किया गया।

News Written By- Syed Khadim Abbas Rizvi

(Senior Anchor Jaunpur-e-aza.com)